Oscars 2021: ऑस्कर की दौड़ से बाहर हुई ‘जल्लीकट्टू’, शॉर्ट फिल्म श्रेणी के अगले चरण में पहुंची ‘बिट्टू’

Oscars 2021: ऑस्कर की दौड़ से बाहर हुई 'जल्लीकट्टू', शॉर्ट फिल्म श्रेणी के अगले चरण में पहुंची 'बिट्टू'

Oscars 2021: ‘जलीकट्टू’ (Jallikattu) का एक दृश्य

नई दिल्ली:

ऑस्कर (Oscars 2021) के लिए अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म की दौड़ से भारत की आधिकारिक प्रविष्टि ‘जल्लीकट्टू’ (Jallikattu) बाहर हो गयी है लेकिन अपनी लघु फिल्म ‘बिट्टू’ (Bittu) के साथ देश लघु फिल्म श्रेणी में अब भी मुकाबले में है. लिजो जोस पेल्लीसेरी द्वारा निर्देशित मलयालम फिल्म ‘जल्लीकट्टू’ (Jallikattu) को मुकाबले के लिए 15 फिल्मों की अंतिम सूची में जगह नहीं मिली है. एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइसंसेज (एएमपीएसी) ने बुधवार को इसकी घोषणा की. थॉमस विंटेरबर्ग की ‘एनदर राउंड’, आंद्रेई कोचालोवस्की की ‘डियर कॉमरेड’ (रूस), बेटर डेज (हांगकांग), ‘सन चिल्ड्रेन’ (ईरान), नाइट ऑफ द किंग्स (आइवरी कोस्ट), ‘आई एम नो लॉन्गर हीयर’ (मेक्सिको), ‘होप’ (नार्वे), ‘ए सन’ (ताइवान), ‘द मैन हू सोल्ड हिज स्किन’ (ट्यूनीशिया) को इस सूची में जगह मिली है.

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इस श्रेणी में नामांकन के लिए 93 देशों की फिल्मों को योग्य पाया गया था. ‘जल्लीकट्टू’ (Jallikattu) हरीश की कहानी पर आधारित फिल्म है और इसमें एंटोनी वर्गीज, चेमबन विनोद जोस, साबूमन अब्दुसमद और सेंती बालचंद्रण ने भूमिका निभायी है. ‘जल्लीकट्टू’ का छह सितंबर 2019 को टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन किया गया था और इसको काफी सराहना मिली थी. करिश्मा देव दुबे द्वारा निर्देशित बिट्टू को ऑस्कर की ‘बेस्ट लाइव एक्शन शार्ट फिल्म’ श्रेणी की अंतिम सूची में जगह मिली है. लघु फिल्म श्रेणी के लिए अंतिम सूची की 10 फिल्मों में बिट्टू के अलावा ‘डा येई’, ‘फिलिंग थ्रू’, ‘द ह्यूमन वॉइस’, ‘द किकस्लेड चोइर’, ‘द लेटर रूम’, ‘द प्रजेंट’, ‘टू डिस्टेंट स्ट्रेंजर्स’, ‘द वैन’ और ‘व्हाइट आई’ शामिल हैं.

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‘बिट्टू’ (Bittu) की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है. इसमें दो लड़कियों के बीच दोस्ती को दिखायी गयी है. एकेडमी अवार्ड के लिए अंतिम नामांकन की घोषणा 15 मार्च को की जाएगी. ‘जल्लीकट्टू’ के दौड़ से बाहर होने के साथ भारत के लिए इस श्रेणी में एक बार फिर रास्ता बंद हो गया है. भारत की तरफ से आखिरी बार आशुतोष गोवारीकर की ‘लगान’ ने 2001 में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म की श्रेणी में अंतिम पांच में जगह बनायी थी. उससे पहले भारत की दो फिल्में ‘मदर इंडिया’ (1958) और ‘सलाम बाम्बे’ (1989) आखिरी पांच फिल्मों की सूची तक पहुंची थी.

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